
फरवरी में होने वाले बांग्लादेश आम चुनाव से पहले सियासी पारा तेज़ है। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग के लिए एक बड़ी कूटनीतिक खुशखबरी सामने आई है।
अमेरिका के कई सांसदों ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस को पत्र लिखकर आवामी लीग पर लगा बैन हटाने की खुली मांग की है।
अमेरिकी सांसदों की दो टूक
अमेरिकी सांसदों ने अपने पत्र में साफ कहा-Free & Fair Election तभी संभव है जब सभी राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ने दिया जाए। किसी बड़ी पार्टी पर बैन Democracy को कमजोर करता है।
राजनीतिक गतिविधियों पर रोक Human Rights के खिलाफ है संदेश साफ है — “Democracy without opposition is सिर्फ formal voting.”
छात्र आंदोलन के बाद क्यों लगा था बैन?
जुलाई में हुए छात्र विद्रोह और हिंसा के बाद अंतरिम सरकार ने Awami लीग, Bangladesh Student लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था
अमेरिकी सांसदों ने माना कि राष्ट्रीय संकट में सरकार की भूमिका समझी जा सकती है। लेकिन Collective Punishment लोकतांत्रिक समाधान नहीं।
ICT और राजनीतिक पाबंदियों पर सवाल
पत्र में यह भी चेतावनी दी गई कि Interim Government द्वारा ICT (International Crimes Tribunal) को पुराने तरीके से सक्रिय करना और राजनीतिक गतिविधियों पर रोक।
Election Process को derail कर सकता है।
युनूस–अमेरिका बातचीत का बैकग्राउंड
यह पत्र ऐसे समय आया है जब मोहम्मद युनूस की अमेरिकी विशेष दूत Sergio Gor से फोन पर बातचीत हुई। चर्चा में शामिल मुद्दे Trade & Tariffs, Elections छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या।

युनूस ने दावा किया:
“12 फरवरी को देश पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार है।”
शेख हसीना बनाम युनूस – Narrative War
युनूस ने आरोप लगाया कि “निरंकुश शासन के समर्थक विदेश से चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं।” वहीं शेख हसीना ने पलटवार करते हुए कहा:
“आवामी लीग के बिना चुनाव नहीं, सिर्फ राजतिलक होगा।”
ढाका में सवाल अब यह नहीं कि चुनाव होंगे या नहीं, बल्कि यह है कि “क्या चुनाव में असली मुकाबला होगा?”
Big Picture for South Asia
Awami League का बैन हटना Bangladesh Democracy के लिए क्रिटिकल, अमेरिका की एंट्री Global Pressure बढ़ा रही है।
शेख हसीना की वापसी South Asia geopolitics में नया मोड़।
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